खुल सकती हैं फाइलों में छिपी लापरवाही की परतें

भानु ठाकुर राजगढ़।
शिक्षा का मंदिर कहे जाने वाले विभाग की हालत जब खुद सवालों के घेरे में हो, तो सोचना ज़रूरी हो जाता है। शुक्रवार को राजगढ़ में कुछ ऐसा ही हुआ, जब कलेक्टर डॉ. गिरीश मिश्रा ने अचानक शिक्षा विभाग के डीईओ कार्यालय पहुंचकर पर दस्तक दी।
बिना किसी चेतावनी के हुई इस एंट्री ने विभाग में हड़कंप मचा दिया। डॉ. मिश्रा के साथ डिप्टी कलेक्टर निधि भारद्वाज भी मौजूद थीं, जिन्होंने घंटे भर तक फाइलों की परतें खोलीं। हालांकि फाइलों में क्या गड़बड़ी मिली यह सामने नहीं आया। लेकिन माना जा रहा कोई बड़ी गड़बड़ी की शिकायत के बाद खुद कलेक्टर वहां जांच करने पहुंचे।
क्या था खास?
– वेतनवृद्धि रोकने जैसे निर्देशों पर कोई अमल नहीं! खाना पूर्ति करके इतिश्री।
– अनुकंपा नियुक्ति, अटेचमेंट, ट्रांसफर के प्रकरणों में मनमानी की शिकायत भी आम हैं।
सूक्ष्मता से जांच हुई तो मिलेगी बड़ी चूक-
शिक्षा विभाग द्वारा जो नोटिस दिए जाते हैं या फिर विभिन्न तरह की कार्रवाई होती हैं। कई बार उन्हें नोटिस तक ही सीमित रखा जाता है।सूत्र बताते हैं कि इसके बाद विभाग के ही कुछ दलाल शिक्षकों और अधिकारियों के बीच तालमेल बैठा देते हैं। ऐसे में आगे इसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं होती, यही कारण है कि शिक्षा विभाग का ढर्रा सुधारने की जगह हर साल बिगड़ता ही जा रहा है। इस मामले की यदि सूक्ष्मता से जांच होती है, तो निश्चित रूप से कई बड़े खुलासे होंगे। जिनमें कई कर्मचारी जांच के दायरे में आ सकते हैं। फिलहाल अधिकारियों ने जांच को लेकर किसी तरह की जानकारी साझा नहीं की है, ऐसे में किसी बड़ी जांच का अंदेशा लगाया जा रहा है क्योंकि खुद कलेक्टर deo कार्यालय पहुंचे।
